महान् ज्योतिषशास्त्री डाक मिथिला के थे। कुछ लोग उन्हें बंगाली सिद्ध करने में लगे हुए हैं तो कुछ घाघ के रूप में अवध क्षेत्र का मानते हैं। कुछ लोग भडरी के साथ जोड़कर राजस्थान को उनका जन्मस्थान मानते हैं।
म. म. हरपति के 'व्यवहार प्रदीप' मे डाक का एक वचन है जिसमे 12 राशियों का उदयमान दिया गया है। वह 6 अंगुल पलभा का उदयमान है। पलभा का सीधा सम्बन्ध अक्षांश से होता है। मिथिला की पलभा 6अंगुल है। इस गणित के प्रमाण से डाक मिथिला के सिद्ध होते हैं।
सभी मैथिल बन्धुओं से निवेदन है कि जहाँ जहाँ NET पर उन्हें अन्य स्थानीय माना गया है उसका खण्डन करें और डाक को मिथिला विभूति के रूप में प्रतिष्ठित करें। मैं शास्त्रार्थ के लिए तैयार हूँ।
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